सहारनपुर : बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर देवबंदी उलेमाओं ने नाराजगी जताई है। उलेमाओं ने जहां धीरेन्द्र शास्त्री को धर्म गुरु ना बताकर राजनेता करार दिया है वहीं उनके बयान को निंदनीय बताया है। देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेन्द्र शास्त्री धर्म गुरु का चोला पहनकर देश की आवाम को गुमराह कर रहे हैं। उनके बयान की जितनी भी निंदा की जाये कम है। आंतकवादी का कोई मजहब नहीं होता। वहीं कारी ईशहाक गौरा ने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री धर्म गुरु का चोला पहने हुए ऐसे राजनेता हैं जो अक्सर धर्म विशेष को टार्गेट करते रहते हैं। उनका बयान हमेशा दो समुदायों को भड़काने वाला होता है जो कभी देश हित मे नही हो सकता।
आपको बता दें कि इन दिनों बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेन्द्र शास्त्री हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए पैदल यात्रा निकले हुए हैं। दिल्ली में हुए धमाके के बाद धीरेन्द्र शास्त्री की सुरक्षा बाधा दी गई है। पहले जहां उनकी सुरक्षा में तीन कम्पनी थी अब जहां पांच कंपनी कर दी गई है वहीं उनकी यात्रा में बम निरोधक दस्ता भी शामिल किया गया है। कड़े सुरक्षा घेरे में धीरेन्द्र शास्त्री की पद यात्रा निकल रही है। इस दौरान धीरेन्द्र शास्त्री ने अपने बयान से एक बार फिर नई बहस छेड़ दी है। धीरेन्द्र शास्त्री ने दिल्ली लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर कहा कि अगर हिन्दू एक नहीं हुए तो देश में ऐसे ही धमाके होते रहेंगे। अब 8 लोग मरे हैं कल 80 हजार भी मारे जाएंगे। आतंकी हमले के बाद मुस्लिम धर्म से जुड़ें लोगों के नाम ही आते हैं। धीरेन्द्र शास्त्री के इस बयान के बाद देवबंदी उलेमाओं का गुस्सा फूट पड़ा है।
देवबंदी उलेमा मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि देखिए जिस तरह का बयान धीरेन्द्र शास्त्री का आया है। उनकी जुबान से ऐसे अल्फ़ाज़ निकलते हैं बड़ा अफसोस होता है ऐसे धर्म गुरुओं की बात को सुनकर कि वे ऐसा बयान दे रहे हैं जो समाज को तोड़ने वाला बयान होता है। मैं ऐसे धर्म गुरुओं को वे चाहे किसी भी जाति या धर्म से तालुक रखने वाले क्यों ना हों। धर्म गुरु की जुबान मीठी और शीली होती है। वे तोड़ने वाली राजनीति नहीं करते बल्कि जोड़ने की बात करते हैं। धीरेन्द्र शास्त्री जिसे धर्म गुरुओं को समाज को जोड़ने की बात करनी चाहिए तोड़ने की नहीं। हमरा मुल्क तभी तरक्की कर सकता है जब हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में भाई चारे के साथ रहेंगे। जो भी धर्म गुरु हैं वे प्रेम, अमन और मोहब्बत का संदेश दें तोड़ का जो संदेश देते हैं। मैं देश की आवाम से कहना चाहता हूं ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखें जो देश बर्बाद करना चाहते हैं। वहीं दिल्ली में हुए धमाके की कड़ी निंदा करते हैं। आतंकवाद को कोई मजहब नहीं होता किसी मजहब को आतंकवाद से जोड़ कर देखना सरासर गलत है।
वहीं कारी इशहाक गोरा ने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री धार्मिक गुरु नहीं हो सकते। धर्म गुरु सभी धर्मों का सम्मान करते हैं सभी धर्मों से जुड़े लोगों को साथ लेकर चलते हैं लेकिन धीरेन्द्र शास्त्री केवल एक ही धर्म की बात करते हैं। एक ही धर्म के लोगों को साथ लेकर चल रहे हैं। उनका यह बयान दो धर्मों के बीच दरार पैदा करने वाला है। उनके बयानों की जितनी भी मजहमत की जाए कम है। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता अगर कोई आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़ता है तो उसको धर्म का कोई ज्ञान नहीं है।
धीरेन्द्र शास्त्री ने जो बयान दिया है वह काबिल ए मजहमत है। धर्म के चोले में एक रहनुमा होता है ना कि राजनेता होना चाहिए। जो लोग दिल्ली जैसी घटनाओं को आजम दिया गया है ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क हमारे देश पर नजर बनाए हुए हैं। हमारी जांच एजेंसियों को उनका मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए। वहीं डॉक्टरों के आतंकी कनेक्शन होने पर गोरा ने कहा कि डिग्रीधारी पढ़ा लिखा डॉक्टर आतंकी गतिविधियों में संलिप्त है यह बहुत फिक्र की बात है। नौजवानों को अपने देश के लिए सावधान होने की जरूरत है।